कालजयी संबंधों और अटूट मैत्री का इतिहास
भारत और मॉरीशस के बीच गहरे राजनैतिक, राजनयिक तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों का पुराना इतिहास है। विश्व हिंदी सचिवालय उन महत्वपूर्ण प्रतीकों में से एक है जो दोनों राष्ट्रों की अडिग भागीदारी को अभिव्यक्त करते हैं। सचिवालय हिंदी के प्रति भारत तथा मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व के संकल्प का गवाह रहा है और अनेक अविस्मरणीय स्मृतियों के अनेक साझा अवसर सचिवालय के साथ जुड़े रहे हैं। ऐसे ही महत्वपूर्ण अवसरों की झलकियाँ..
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सूचनाएँ


हिंदी का विश्व मंच

विश्व हिंदी सचिवालय हिंदी भाषा के उन्नत भविष्य के प्रति साझा संकल्प रखने वाले दो मित्र देशों- भारत और मॉरीशस- की सरकारों द्वारा स्थापित तथा संचालित द्विराष्ट्रीय संस्था है। हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करवाने तथा वैश्विक मंचों पर उसकी प्रतिष्ठानुकूल उपस्थिति सुनिश्चित करने का दायित्व सचिवालय द्वारा निभाया जा रहा है।

यह संस्था वैश्विक स्तर पर हिंदी को केंद्र में रखते हुए संचालित भाषायी, साहित्यिक, सांस्कृतिक, अकादमिक, प्रौद्योगिकीय, शोधात्मक तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं तथा गतिविधियों का संचालन करती है। वह हिंदी को समृद्ध करने में जुटी संस्थाओं तथा व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करती है और हिंदीभाषियों के लोकप्रिय वैश्विक मंच की भूमिका निभा रही है।

परियोजनाएँ
हिंदी साहित्यकारों, विद्वानों व विशेषज्ञों का उपयोगी अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस, जिसमें सामग्री को विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर सुनियोजित किया गया है। इन व्यक्तित्वों को अनेक मापदंडों के आधार पर खोजा जा सकता है।
सचिवालय की यह विशेष वेबसाइट हमारे प्रकाशनों को एक ही स्थान पर सुविधाजनक ढंग से पढ़ने व डाउनलोड करने के लिए बनाई गई है। विश्व हिंदी पत्रिका, विश्व हिंदी साहित्य आदि के कई वर्षों के अंक उपलब्ध हैं।
विश्व हिंदी सचिवालय की ओर से सन 2009 से हिंदी की इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका का प्रकाशन किया जा रहा है। पत्रिका के सभी अंक सचिवालय की वेबसाइट 'पत्रिकायन' पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हैं।
इस पत्रिका का प्रकाशन सन 2018 में हिंदी के वैश्विक साहित्य को मंच प्रदान करने तथा प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ। पत्रिका के सभी अंक सचिवालय की वेबसाइट 'पत्रिकायन' पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं।
फ़ोटो गैलरी
सचिवालय की गतिविधियों तथा घटनाक्रमों की झलक
जोड़ने वाली भाषा
हिंदी सिर्फ भारत की राष्ट्रभाषा ही नहीं होनी चाहिए बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय भाषा का दर्जा मिलना चाहिए
- महात्मा गांधी
वीडियो गैलरी
वीडियोः हिंदी दिवस 2023
हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम
वीडियोः कार्यारंभ दिवस 2023
पंद्रहवाँ आधिकारिक कार्यारंभ दिवस- फरवरी 2023
वीडियोः अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
हिंदी के वैश्विक प्रसार में रामकथा की भूमिका
वीडियोः संवाद उत्सव
संवाद प्रस्तुतियों का कार्यक्रम
वीडियोः हिंदी में व्यंग्य लेखन
एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला
वीडियोः हिंदी शिक्षण में प्रौद्योगिकी
मल्टीमीडिया तथा इंटरनेट के प्रयोग पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला
सोशल मीडिया पर सचिवालय